पंचायत जितना ही मजेदार और साफ़ सुथरा है ये सीरीज ,पंचायत 4 तो देख लिए अब ये भी देख डालो ...............।
हम सभी को पता है पंचायत वेब सीरीज एक अद्भुत आनंद का साधन जो पिछले ३ सीजन में देखने को मिला है और 4th सीजन जल्द ही दस्तक देने वाला है। पिछले ३ सीजन में हमने देखा कैसे एक गांव में लोग अपनी ज़िन्दगी को खुसी से जीते है, तमाम सुविधाओं के कमी के वाबजूद किन्तु जब तक पंचायत नहीं आता है तब तक हम लोग कुछ और ही क्यों न देख ले जो बिलकुल पंचायत जैसी है जो दिल को छू जाती है।
तो चलिए जानते है ,कौन सा वो वेब सीरीज है जो आप इन बचे टाइम में देख सकते हो ,तो दोस्तों सबसे पहला जो नाम जो मैं सिफारिश करुंगा वो है |
1. निरमल पाठक की घर वापसी
अगर आप भाईचारे में विश्वास रखते हो और शायद अपने घर से दूर रहते है ,और अपने गांव के परिवेश मिस करते है तो आपको ये सीरीज जरूर देखना चाहिए अध्भुत प्रेम और सम्मान की अनुभूति होगी | ग्रामीण परिवेश की समस्याओ की भी अच्छे से उजागर किया है ,और साथ ही महिलाओ के इच्छाओ और सपने को कैसे मार दिया जाता है | उसपर भी कटाछ किया गया है ,अगर आपको अपने रूट्स से प्यार है तो वो प्यार और बढ़ जायेगा |
2. ग्राम चिकित्शायल
अगर आपको भी देश के अंदर मुख्यतः गांवों की हालत देखकर दुःख होता है और मन में यह सवाल उठता है कि आखिर इस स्थिति को बदला कैसे जा सकता है — तो यह वेब सीरीज आपको जरूर देखनी चाहिए।
"ग्राम चिकित्सालय" सिर्फ एक वेब सीरीज नहीं, एक भाव है — बदलाव की शुरुआत।
इस सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे गांवों में आज भी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाली का शिकार हैं। डॉक्टरों की कमी, उपकरणों का अभाव, और जरूरी दवाओं का ब्लैक—ये सब कुछ एक आम बात बन गई है।
सबसे गंभीर बात यह है कि जिन दवाओं को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त बांटा जाना चाहिए, वे अक्सर प्राइवेट डॉक्टरों की दुकानों में बिकती नजर आती हैं। सीरीज में ‘झोला छाप डॉक्टर’ यानी बिना डिग्री वाले तथाकथित चिकित्सकों की वास्तविकता भी उजागर की गई है — कैसे वो जरूरत के समय लोगों की जान भी बचाते हैं, लेकिन साथ ही जोखिम भी बहुत होता है।
सीरीज की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक बड़े शहर के मशहूर डॉक्टर का बेटा है। उसके पिता चाहते हैं कि वो उनका निजी अस्पताल संभाले, लेकिन उसका सपना कुछ और ही होता है। वह तय करता है कि वो अपने करियर की शुरुआत किसी बड़े शहर से नहीं, बल्कि एक छोटे से गांव के सरकारी अस्पताल से करेगा।
शुरुआत में उसे गांववालों का भरोसा जीतने में कठिनाई होती है। अस्पताल की हालत खराब, स्टाफ का रवैया ढीला, और लोग झोला छाप डॉक्टरों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। लेकिन वो हार नहीं मानता। धीरे-धीरे वह अस्पताल में बदलाव लाता है — सफाई, समय पर इलाज, दवाओं की उपलब्धता और सबसे बढ़कर लोगों से संवाद।
कहानी सिर्फ एक अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को आईना दिखाने वाली है। यह दिखाती है कि अगर एक इंसान ठान ले तो बदलाव मुमकिन है — चाहे सिस्टम कितना भी जटिल क्यों न हो।
3.Mitti एक पहचान -2025
एक गांव, जहां का हर किसान परेशान है — कभी सूखा तो कभी भारी बारिश, कभी मवेशियों का हमला तो कभी टिड्डियों की बर्बादी। हर साल कोई न कोई मुसीबत फसल को बर्बाद कर ही जाती है।
इन सबके बीच किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जाता है। कर्ज न चुकाने का डर — जमीन छिन जाने का डर बन जाता है उनकी सबसे बड़ी चिंता। और जब हालात हद से गुजर जाते हैं, तब खबर मिलती है कि किसी किसान ने आत्महत्या कर ली।
इन्हीं हालातों के बीच, कहानी में आता है एक पढ़ा-लिखा युवक, जो शहर में एक बड़ी मल्टीनेशनल ऐड एजेंसी में काम करता है। वह अपने गांव सिर्फ एक वजह से आता है — अपने दादा जी के श्राद्ध कर्म में शामिल होने।
लेकिन जब गांव आता है, तो उसे पता चलता है कि उसके दादा पर भी कर्ज था। और दादा जी उस कर्ज को खेती से ही चुकाना चाहते थे — क्योंकि उनका विश्वास था कि खेती में ही किसान की असली पहचान और आत्मनिर्भरता है।
दादा जी चाहते थे कि किसान खेती से डरना नहीं, बल्कि उस पर फिर से भरोसा करना शुरू करें।
बस यही बात उस युवक के दिल को छू जाती है। वो तय करता है कि वो शहर नहीं लौटेगा। वही गांव में रहेगा, वही खेत में काम करेगा। और वहीं से शुरू होती है उसकी अपनी खेती की यात्रा — बिना किसी तजुर्बे के, लेकिन पूरे जुनून और नीयत के साथ।
उसे रास्ते में तमाम परेशानियाँ आती हैं —
⛈️ मौसम की मार
🐄 जानवरों की बर्बादी
📉 आस-पास के लोगों का ताना
🏦 सरकारी सिस्टम की बेरुख़ी
लेकिन क्या वह हार मानता है?
या वह अपने दादा जी का सपना पूरा करता है?
इसके लिए आपको यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए — जो न सिर्फ एक किसान की कहानी है, बल्कि नई पीढ़ी को अपने गांव, अपनी मिट्टी और अपनी जिम्मेदारी की याद दिलाती है।
Truly written BY
Rajeev Ranjan kumar

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